
लाल रंग के मूंगा रतन की पहचानना ( Coral Identification ) बहुत आसान है परन्तु इसके लिए आपको सही तरीके का पता होना आवश्यक है इस ब्लॉग मे हम आपको यह भी बताएँगे की आप स्वयं लूप की सहायता से कैसे पता लगा सकते है की मूंगा रत्न असली है अथवा नहीं।अक्सर मूंगा जिसे को लोग पत्थर समझते है परन्तु ऐसा नहीं है आइए पता करते है की आखिर मूंगा कहा पाया जाता है
दोस्तों मूंगा एक विशेष रतन है यह एक प्रकार के समुंदरी जीवाणु जिसे हम पोलैप्स के नाम से भी जानते है समुन्द्र की सतह पर बनते है इन्ही पोलैप्स के कारण कोरल जिसे हम मूंगा रत्न के नाम से भी जानते है बड़ी बड़ी कॉलोनियां बनाते है इसके अलावा समुन्द्र की इतनी गहराई मे अन्य प्रकार के मिनरल्स भी पाए जाते है जो की इनके बनाने मे योगदान देते है
प्रयोगशाला मे परिक्षण ( Examination in gem Testing Lab )
रंग ( Color ) : बाजार मे मूंगा सिर्फ २ रंगो मे पाया जाता है १ लाल या हल्का सिन्दूरी २ सफ़ेद , बाजार मे सबसे जयादा लाल रंग के मूंगे की मांग रहती है ज्यादातर मूंगा इटली के आसपास के समुन्द्र से लाया जाता है
वजन ( Weight ) : मूंगा दूसरे रत्नो के अनुपात मे काफी हल्का होता है इसलिए इसके जैसे दिखने वाले प्लास्टिक या अन्य रत्नो का वजन और भी जयादा हल्का होता है। इसमें ज्यादातर नकली मूंगा को पहचानना बहुत आसान होता है , हाथ लगाने पर प्लास्टिक जैसा महसूस होता है
कठोरता ( Hardness ) : मूंगे की कठोरता की मात्रा ३.५ होती है जो की बहुत ही जयादा काम है इसका अर्थ है दुसरो की तुलना मे बहुत काम कठोर होता है और मूंगे पर दूसरे रत्नो द्वारा आसानी से खरोच मारी जा सकती है
मूल प्राप्ति स्थान ( Origin ) :=ओरिजिन मूंगा का पाए जाना वाला स्थान कहा पर है इस बात का मूंगे की कीमत पर बड़ा प्रभाव पड़ता है इटली के आसपास के समुन्द्र मे उत्तम क्वालिटी का मूंगा पाया जाता है क्युकी उसका रंग जयादा बढ़िया होता है पानी का तापमान एकदम प्रतिकूल है जिससे मूंगे को वृद्धि के लिए सबसे बढ़िया माहोल मिलता है इसलिए वह का मूंगा सबसे बढ़िया होता है
मूंगा रत्न का परिक्षण स्वयं करना ( Self Examination of Coral )
मूंगा रत्न को बिना किसी प्रयोगशाला मे परिक्षण कराये भी पहचानना बहुत आसान है असल मे मूंगा समुन्द्र मे पायी जाने वाली लकड़ी ही है जैसी की आपने पेड़ की सामान्य लकड़ी भी देखि होगी उस पर सीढ़ी लकीरे होती है उसी प्रकार मूंगा को तेज रौशनी के ऊपर रखकर उससे १० क्ष लूप की सहायता से देखा जाए तो उसमे भी आपको सीढ़ी लकीरे ही दिखाई देंगी और ये ही इसका सबसे बड़ा परिक्षण है
लूप से परिक्षण करते समाये कुछ बातो का ध्यान रखना अति आवश्यक है जैसे की रौशनी जयादा तेज न हो और मूंगे के बराबर से बाहर न आ रही हो और दूसरा लूप का प्रयोग एक बार मे १० सेकंड्स से जयादा न हो वर्ना आखो को नुक्सान पहुंच सकता है